प्रशांत किशोर ने बिहार उपचुनाव के अपने चुनावी डेब्यू में बनाई शुरुआती बढ़त

बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश में हुए उपचुनावों के लिए वोटों की गिनती आज शुरू होने जा रही है, जिसमें राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के चुनावी डेब्यू पर विशेष रूप से सबकी नजरें टिकी हैं। इन नतीजों से यह संकेत मिलेगा कि पिछले आम चुनाव के बाद से इन राज्यों के मतदाताओं ने क्या रुख अपनाया है, और यह प्रशांत किशोर के पर्दे के पीछे के रणनीतिकार से उम्मीदवार बनने की दिशा में एक शुरुआती परीक्षा साबित होगा।
बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश—तीनों राज्यों में उपचुनावों के लिए सोमवार को वोटों की गिनती शुरू हुई, जिसके शुरुआती रुझान मिले-जुले रहे। गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस एक सीट पर कब्जा बरकरार रखती नजर आई। वहीं, बिहार की बांकीपुर सीट पर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी डेब्यू में ही शानदार बढ़त हासिल कर ली (Indian Express)।
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने खुद उनके मैदान में उतरने का पूरा फायदा उठाया और बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा से काफी आगे निकल गई। नीरज कुमार सिन्हा को पार्टी ने एक ऐसी सीट से उम्मीदवार बनाया था जो पांच बार के विधायक और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी (Indian Express)। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनावों से इसकी तुलना करें तो तस्वीर बिल्कुल अलग थी: तब जन सुराज ने बिहार की 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे एक भी सीट पर जीत नहीं मिली थी, और खुद प्रशांत किशोर चुनावी मैदान से दूर रहे थे। इस बार उनके खुद चुनाव लड़ने के फैसले ने उस समर्थन को एकजुट कर दिया, जो पिछली बार पार्टी के पूरे राज्य में फैले लेकिन असफल उम्मीदवारों के बीच बिखर गया था (Indian Express)। रुझान पक्के होने के साथ ही पटना स्थित जन सुराज दफ्तर में जश्न शुरू हो गया, जहां कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और एक नेता ने इस पल को "नए स्वर्णिम युग" की शुरुआत बताया (Indian Express)।
गुजरात के मांजलपुर में बीजेपी ने वडोदरा सीट पर अपना दबदबा बनाए रखा। भारत के निर्वाचन आयोग के अनुसार, सतीश पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार भीखाभाई रबारी को 30,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। सतीश पटेल को 49,631 वोट मिले, जबकि रबारी को 22,183 वोट मिले (Indian Express)। इस नतीजे से उस सीट पर यथास्थिति बनी रही जिस पर पार्टी का सालों से कब्जा है। गिनती के सभी दौर में पटेल की बढ़त 27,000 वोटों से ऊपर बनी रही (Indian Express)।
उधर, मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के जरिए इस सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने की स्थिति में दिख रही थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र पटवारी ने इस बढ़त को मौजूदा सरकार के खिलाफ जनआक्रोश बताया। उन्होंने "मध्य प्रदेश सरकार के असली चेहरे, अहंकार और भ्रष्टाचार को बेनकाब करने" के लिए मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने "बदलाव की नींव रख दी है" (Indian Express)।
हर विधानसभा सीट पर खाली हुई जगहों की वजह से हुए ये तीनों मुकाबले, 2025 के राज्य चुनावों के बाद प्रशांत किशोर के बैक-रूम रणनीतिकार से फ्रंटलाइन उम्मीदवार बनने के सफर की पहली चुनावी परीक्षा थे। साथ ही, इनसे गुजरात में बीजेपी के चुनावी संगठन की मजबूती और मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पैर जमाने की क्षमता का भी अंदाजा मिला। बांकीपुर और दतिया में वोटों की गिनती पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम घोषणा का इंतजार किया जा रहा था।


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