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परगट सिंह को वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया गया

Congress in Punjab appoints Pargat Singh as PPCC chief amid internal power struggles, aiming to stabilize ahead of 2027 assembly polls.
Congress in Punjab appoints Pargat Singh as PPCC chief amid internal power struggles, aiming to stabilize ahead of 2027 assembly polls. Photo via The Hindu

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को परगट सिंह को अपनी पंजाब यूनिट का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके साथ ही इस पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक को गुटबाजी से बंटे हुए स्टेट चैप्टर को एकजुट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह के वफादारों और उनके उत्तराधिकारी चरणजीत सिंह चन्नी के कैंप के बीच महीनों से चल रही अंदरूनी कलह के बाद उठाया गया है, जिसने हालिया चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया था। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले परगट सिंह को एक ऐसा निष्पक्ष चेहरा माना जाता है जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य है, हालांकि उनके सामने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इन विरोधी पावर सेंटर्स के बीच तालमेल बिठाने की तत्काल चुनौती है।

कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही स्टेट यूनिट के नेतृत्व को लेकर महीनों से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है। यह फैसला अमरेंद्र सिंह राजा वड़िंग के औपचारिक इस्तीफे के बाद आया, जिन्होंने 22 अप्रैल 2022 से इस पद को संभाला था और अपना इस्तीफा पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंप दिया था (The Hindu)।

यह बदलाव वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच लंबे समय से चल रही और खुलकर सामने आ चुकी उस पावर टसल के बाद हुआ है, जो पिछले साल सबके सामने आ गई थी। 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद का चेहरा रहे चन्नी, जिनमें पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, ने संगठन में "बेहतर दलित प्रतिनिधित्व" की मांग की थी और तर्क दिया था कि दलितों को उनका बनता हक नहीं मिल रहा है। यह तनाव जुलाई में तब और बढ़ गया जब स्टेट कमेटी में फेरबदल के दौरान वड़िंग को तो अध्यक्ष बनाए रखा गया, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले चन्नी को इलेक्शन कैंपेन कमेटी की कमान सौंप दी गई। चन्नी और उनके समर्थकों ने इस रीस्ट्रक्चरिंग का विरोध किया, खुले तौर पर वड़िंग को हटाने की मांग की और स्टेट यूनिट के भीतर मौजूद गुटबाजी की दरारों को जगजाहिर कर दिया (The Hindu)।

इस डैमेज को कंट्रोल करने की कोशिश के तहत, केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले महीने असंतुष्ट नेताओं के दबाव के आगे झुकते हुए पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को नियुक्त कर दिया। वड़िंग का हटना अब हफ्तों के भीतर की गई दूसरी बड़ी संगठनात्मक सर्जरी है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि परगट सिंह को आगे बढ़ाने के पीछे उनकी साफ-सुथरी और विवादों से दूर रहने वाली छवि थी, जिसने उन्हें विरोधी कैंपों के बीच एक स्वीकार्य विकल्प बना दिया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मंत्री सिंह को राहुल गांधी के करीबी एक निष्पक्ष चेहरे के तौर पर देखा जाता है, जिन्हें चन्नी और वड़िंग गुटों के बीच संतुलन बनाने का जिम्मा सौंपा गया है (The Hindu)।

पंजाब में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की स्थिति आपसी कलह के बीच कमजोर हुई है, जबकि वह 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व को उम्मीद है कि इस नियुक्ति से स्टेट यूनिट में स्थिरता आएगी, लेकिन चुनावों से ठीक पहले प्रभाव जमाने के लिए होड़ में जुटे विरोधी पावर सेंटर्स के बीच यह शांति अभी परखी जानी बाकी है (The Hindu)।

उल्लिखित स्रोत

Indian Express·The Hindu