कॉर्नेल रेप मामले की जांच के लिए न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया

न्यूज़ॉर्क की गवर्नर Kathy Hochul ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में रेप के आरोपों की जांच की निगरानी के लिए अटॉर्नी जनरल Letitia James को स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। इस कदम से यह मामला स्थानीय प्रॉसिक्यूटर्स की बजाय राज्य के शीर्ष कानून प्रवर्तन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आ गया है।
न्यूज़ॉर्क की गवर्नर Kathy Hochul ने गुरुवार को Tompkins County के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी Matthew Van Houten को कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से जुड़े एक रेप केस की जांच से हटा दिया। साथ ही, अटॉर्नी जनरल Letitia James को इस मामले में स्पेशल प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया, जिन्हें अब केस के संबंध में पूर्ण अधिकार मिल गए हैं। न्यूयॉर्क एग्जीक्यूटिव लॉ के सेक्शन 63 के तहत लिया गया यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। इसके साथ ही, राज्य के शीर्ष कानून प्रवर्तन अधिकारी ने सीधे तौर पर उस जांच की कमान संभाल ली है जिस पर जनता की पैनी नजर बनी हुई थी (Reuters India)।
यह जांच कॉर्नेल की एक पूर्व छात्रा द्वारा लगाए गए उन आरोपों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें उसने 2023 में इथाका स्थित एक फ्रेटरनिटी हाउस में बलात्कार किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उस छात्रा ने सार्वजनिक रूप से Van Houten द्वारा मामले को संभालने के तरीके की आलोचना की थी। Hochul के मुताबिक, इसी वजह से डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ऑफिस से जनता का भरोसा डगमगा गया था। इस फैसले की घोषणा करते हुए गवर्नर ने एक बयान में कहा कि यह नियुक्ति इसलिए जरूरी थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच में कम्युनिटी और इससे जुड़े सभी पक्षों का भरोसा बना रहे (Reuters India)।
James ने गुरुवार को इस नियुक्ति को स्वीकार कर लिया, जिससे यह साफ हो गया है कि अब उनका ऑफिस ही प्रॉसिक्यूशन की रणनीति तय करेगा। अटॉर्नी जनरल का ऑफिस अब एक ऐसे केस को संभालेगा जो पहले से ही काफी पेचीदा स्थानीय हालातों से गुजर चुका है। इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से जांच की रफ्तार और पारदर्शिता को लेकर जाहिर की गई नाराजगी के बाद से ही बाहर से किसी के दखल की मांग उठ रही थी। न्यूयॉर्क एग्जीक्यूटिव लॉ के तहत किसी स्थानीय प्रॉसिक्यूटर को दरकिनार करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए, Hochul ने स्थानीय स्तर पर लिए जाने वाले सामान्य फैसलों के दायरे को पार कर लिया। न्यूयॉर्क में गवर्नर ऐसा बहुत कम ही करते हैं और आमतौर पर यह कदम तभी उठाया जाता है जब किसी मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगते हैं।
इथाका में स्थित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी पर गवर्नर के आदेश में किसी तरह के गलत काम का आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन इस मामले ने कैंपस की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ इसके तालमेल को लेकर यूनिवर्सिटी को सवालों के घेरे में ला दिया है। ये आरोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब देश भर में इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि यूनिवर्सिटी और स्थानीय प्रॉसिक्यूटर छात्रों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों से कैसे निपटते हैं। अब जबकि James प्रॉसिक्यूशन की कमान संभाल रही हैं, तो सारा ध्यान इस बात पर है कि क्या राज्य के संसाधन और स्वायत्तता उस जांच को आगे बढ़ा पाएंगे जो काउंटी स्तर पर आकर अटक गई थी। अभी यह साफ नहीं है कि अटॉर्नी जनरल का ऑफिस सबसे पहले किन जांच कदमों को प्राथमिकता देगा या क्या इस मामले में कोई ग्रैंड जूरी गठित की गई है।

AP India·Reuters India