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प्रधानमंत्री ने भारतीय 4x400 मीटर रिले टीम को बधाई दी

पाकिस्तान को रोमांचक मैच में हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने के बाद जश्न मनाते भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी।
पाकिस्तान को रोमांचक मैच में हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने के बाद जश्न मनाते भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ी। Photo via The Hindu

अभिषेक द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी मिनट में किए गए गोल की बदौलत भारत ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस परिणाम के ठीक पहले कोच फुल्टन को हटाए जाने की घटना हुई थी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम को बधाई दी और टीम के कप्तान समित मच्छड़ से बातचीत की।

भारत की पुरुष हॉकी टीम ने गुरुवार को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में बमुश्किल जगह बनाई। उसने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जिसके बाद हारी हुई टीम के खिलाड़ी आंसुओं में डूब गए और जीतने वाले खिलाड़ियों ने भी माना कि वे बाल-बाल बचे हैं (The Hindu)। मुकाबले के शुरुआती दौर में भारत 3-0 से आरामदायक बढ़त बनाए हुए था, लेकिन इसके बाद मैच का पासा पूरी तरह पलट गया और उसने लगातार तीन गोल खाकर शर्मनाक हार का खतरा पैदा कर दिया। ऐसे में मैच के अंतिम क्षणों में अभिषेक ने निर्णायक गोल दागा।

मैच की रिपोर्टों के अनुसार, दोनों टीमों के डगआउट का माहौल पूरी तरह अलग कहानी कह रहा था। पाकिस्तानी खिलाड़ी, जिन्हें पेशेवर खिलाड़ी कहा जाता है, अपनी रोनक खो बैठे और फफक-फफक कर रोने लगे; वे जानते थे कि उनके हाथ से एक बेहतरीन मौका फिसल गया है। वहीं भारतीय खेमे का जश्न फीका था, क्योंकि उन्हें इस बात का अहसास था कि जो मैच पूरी तरह उनके नियंत्रण में था, वह लगभग हाथ से निकल ही गया था। कप्तान मनप्रीत सिंह ने मैच के बाद कहा, "दोनों बातें रहीं। पहला हाफ बहुत अच्छा था, दूसरे हाफ में हमने गलतियां कीं और उन्होंने हमें सजा दी।" उन्होंने कहा, "पाकिस्तान एक अच्छी टीम है और अगर आप गलती करेंगे तो वे पलटवार करेंगे। अच्छी बात यह है कि हमने हार नहीं मानी और अंत तक अपनी गेम प्लान पर टिके रहे" (The Hindu)।

उप-कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने उस शाम को दो शब्दों में बयां किया: "यादगार, राहत भरी।" उन्होंने उन गलतियों को स्वीकार किया जिसके चलते पाकिस्तान ने मैच में वापसी की और कहा कि फाइनल से पहले टीम इनसे सीख लेगी। कोच क्रेग फुल्टन ने भी टीम द्वारा मैच को समय रहते खामोश न कर पाने की कमजोरी पर खुलकर बात की। फुल्टन ने कहा, "तीसरे क्वार्टर के अंत और चौथे की शुरुआत में हमने थोड़ा अपना शेप खो दिया और मुकाबला आखिरी पलों तक खिंच गया।" उन्होंने आगे कहा, "शुरुआती तीन गोल के बाद हमें चौथे और पांचवें गोल की तरफ बढ़ना चाहिए था, हमने कई मौके गंवाए। यह एक कठिन मुकाबला था। आप अपनी मर्जी से नहीं खेल सकते, आपको सामने की स्थिति के हिसाब से खेलना होता है और मुझे खुशी है कि हमने इसका रास्ता निकाल लिया। राहत जरूर है लेकिन 3-0 की बढ़त गंवाकर 3-3 पर पहुंचना और फिर 4-3 से जीतना संतोषजनक नहीं कहा जा सकता" (The Hindu)।

देश के खेल जगत के लिए यह राहत भरी जीत ऐसे दिन आई जब मिली-जुली खबरें थीं। हॉकी के मैदान पर इस ड्रामे के सामने आने से कुछ घंटे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम को बधाई दी थी (PIB)। प्रधानमंत्री ने टीम के कप्तान समित मच्छड़ से बातचीत भी की, जिससे एथलेटिक्स दल के लिए जश्न का माहौल बन गया, भले ही दूसरी तरफ हॉकी टीम एक ऐसी जीत से गुजरी हो जो हार के बेहद करीब महसूस हो रही थी (PIB)।

सोर्सेज: PIB, The Hindu

उल्लिखित स्रोत

PIB·The Hindu