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भारतीय स्क्वैश टीमों ने एशियाई खेलों में मेडल पक्के किए

एशियाई खेलों में अपने सफल अभियान के दौरान एक्शन में भारतीय स्क्वैश टीम की एक सदस्य।
एशियाई खेलों में अपने सफल अभियान के दौरान एक्शन में भारतीय स्क्वैश टीम की एक सदस्य। Photo via The Hindu

भारत की पुरुष और महिला स्क्वैश टीमों ने एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में जगह बना ली है, जिससे देश के लिए इस खेल में कम से कम दो मेडल पक्के हो गए हैं। इस सफलता के साथ एशियाई महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में स्क्वैश में भारत का मजबूत हालिया इतिहास बरकरार है, जहां देश टीम प्रतियोगिताओं में लगातार पोडियम पर फिनिश करता रहा है।

भारत की पुरुष और महिला स्क्वैश टीमों ने बुधवार को सीधे गेमों में क्वार्टर फाइनल मुकाबले जीतकर एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जिससे आइची-नागोया में टीम स्पर्धाओं में देश के लिए कम से कम दो मेडल पक्के हो गए (The Hindu)। हांग्जो में जीते खिताब का बचाव कर रही शीर्ष वरीयता प्राप्त पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हरा दिया। वीर छोटरानी ने बदर अल्मोग्रेबी से मिली कड़ी चुनौती का सामना किया और एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 34 मिनट में 12-10, 8-11, 11-0, 11-5 से जीत दर्ज की। इसके बाद, सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतकर आ रहे अभय सिंह ने अम्मार अल्तामिमी को 11-3, 11-4, 11-8 से हराकर मुकाबला भारत के नाम कर लिया (The Hindu)। छोटरानी ने बाद में माना कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ स्क्वैश नहीं खेला था और चेतावनी दी कि मलेशिया के खिलाफ होने वाला संभावित सेमीफाइनल मुकाबला "तीनों मैचों में कड़ा होगा" (The Hindu)।

18 साल की अनाहत सिंह की अगुवाई वाली महिला टीम ने भी सिंगापुर को 2-0 से हराकर ऐसा ही परिणाम दोहराया। तन्वी खन्ना ने औ येोंग वाई इयन्न के खिलाफ 32 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले को 11-6, 4-11, 15-13, 11-1 से जीतकर टीम की शुरुआत की, और फिर अनाहत ने औ येोंग वाई यान्न को सिर्फ 22 मिनट में 11-7, 11-3, 11-4 से हरा दिया, जिससे अनुभवी जोशना चिनप्पा का मुकाबला खेलने की जरूरत ही नहीं पड़ी (The Hindu)। भारत इससे पहले चीन, जापान और ईरान पर 3-0 से जीत दर्ज कर पूल सी में शीर्ष पर रहा था।

दोनों सेमीफाइनल मुकाबले गुरुवार को खेले गए। महिला टीम का मुकाबला हांगकांग से हुआ जो काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। अनाहत ने सिन युक चान के खिलाफ पहले दो गेम जीते और चौथे गेम में 10-6 के स्कोर पर उनके पास चार मैच पॉइंट थे, लेकिन चान ने वापसी करते हुए वह गेम 13-11 से और निर्णायक गेम 12-10 से अपने नाम कर लिया (Google News India)। तन्वी खन्ना ने एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए का यी ली को 4-11, 13-11, 11-9, 13-11 से हराकर भारत की उम्मीदों को जिंदा रखा, हालांकि जोशना चिनप्पा हो त्जे लोक पर पार नहीं पा सकीं और 11-4, 11-7, 11-9 से हार गईं, जिससे हांगकांग ने 2-1 से जीत हासिल कर ली (Google News India)। मलेशिया के खिलाफ पुरुष सेमीफाइनल भी इसी तरह की हार के साथ समाप्त हुआ, जिससे दोनों टीमों को ब्रॉन्ज मेडल मिले और इन खेलों में भारत का स्क्वैश का कुल मेडल, अनाहत और अभय के सिंगल्स सिल्वर और चिनप्पा तथा वेलवन सेंथिलकुमार के मिक्स्ड डबल्स ब्रॉन्ज को मिलाकर चार हो गया (Google News India)।

उल्लिखित स्रोत

Google News India·The Hindu