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कोटक महिंद्रा बैंक ने अनूप कुमार साहा को बनाया CEO

Anup Kumar Saha has been appointed as the new Managing Director and CEO of Kotak Mahindra Bank.
अनूप कुमार साहा को कोटक महिंद्रा बैंक का नया मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त किया गया है। Photo via Thehindu

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक ने बैंक के ही अंदर से अनूप कुमार साहा को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है। भारत के प्रमुख प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में से एक इस संस्थान में इस कदम से लीडरशिप में बदलाव का संकेत मिलता है, जिसमें साहा को बैंक की मौजूदा मैनेजमेंट टीम के भीतर से ही प्रमोट किया गया है।

रॉयटर्स ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि कोटक महिंद्रा बैंक ने अनूप कुमार साहा को अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है। इसके साथ ही भारत के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के बैंकों में से एक इस संस्थान की कमान लंबे समय से बैंक से जुड़े एक अंदरूनी अधिकारी को सौंप दी गई है। मुंबई स्थित इस बैंक की स्थापना 1985 में एक फाइनेंस कंपनी के रूप में हुई थी, और तब से इसके संस्थापक उदय कोटक इसे संभालते आ रहे हैं।

साहा वर्तमान में ज्वॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उन्होंने इस संस्थान में दो दशकों से अधिक का समय बिताया है। इस दौरान उन्होंने कॉरपोरेट बैंकिंग, ट्रेजरी और स्ट्रैटेजी जैसे विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। उनका यह प्रमोशन रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उस 2020 के निर्देश के बाद हुआ है जिसमें प्रमोटर की हिस्सेदारी को 26 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था और ओनरशिप तथा मैनेजमेंट के बीच स्पष्ट अलगाव अनिवार्य किया गया था। इसी रेगुलेटरी बदलाव ने बैंक की सक्वेसशन प्लानिंग (उत्तराधिकार योजना) को तेज किया था। उदय कोटक, जो अभी भी एक बड़े शेयरधारक हैं, ने पहले ही संकेत दिया था कि बैंक की संस्कृति और रिस्क फ्रेमवर्क को बनाए रखने के लिए अगला चीफ एग्जीक्यूटिव बैंक के भीतर से ही चुना जाएगा।

यह फैसला प्रतिद्वंद्वी HDFC बैंक द्वारा इस साल की शुरुआत में किए गए उस बाहरी फैसले के विपरीत है, जिसमें शशिधर जगदीशन की सेवानिवृत्ति के बाद ICICI बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव अनूप बागची को अपना चीफ एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया था। कोटक महिंद्रा के बोर्ड ने एक बाहरी सर्च फर्म की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि साहा के पास संस्थागत ज्ञान और बैंक के कॉरपोरेट व इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कारोबार को संभालने का जो ट्रैक रिकॉर्ड है, उससे वे मौजूदा क्रेडिट साइकिल और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के भारतीय कंज्यूमर बिजनेस के अधिग्रहण सहित हालिया खरीदारी को संभालने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

विश्लेषकों ने कहा कि इस चयन से यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड एसेट क्वालिटी और लायबिलिटी मैनेजमेंट में निरंतरता को प्राथमिकता देता है, खासकर ऐसे समय में जब इस सेक्टर को बढ़े हुए डिपॉजिट कॉस्ट की वजह से मार्जिन में दबाव का सामना करना पड़ रहा है। जून के अंत में बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट रेश्यो 1.6 प्रतिशत था, जो इस इंडस्ट्री में सबसे कम में से एक है। उम्मीद है कि रेगुलेटरी मंजूरी मिलने के बाद साहा अपना पद संभालेंगे, जिसमें आमतौर पर कुछ हफ्तों का समय लगता है। उदय कोटक के औपचारिक रूप से नॉन-एग्जीक्यूटिव भूमिका में जाने की समयसीमा का खुलासा अभी नहीं किया गया है।

उल्लिखित स्रोत

Reuters India