पंत और जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन लंच तक भारत का स्कोर 419-6 पहुंचाया
ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 112 रन की साझेदारी करके कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन के मॉर्निंग सेशन में टीम इंडिया को संभाला।

ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जड़े और सातवें विकेट के लिए 112 रन की अटूट साझेदारी कर सोमवार को कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन लंच तक भारत का स्कोर 419-6 तक पहुंचा दिया। सोमवार को 300-5 से आगे खेलने उतरी भारतीय टीम ने पारी की शुरुआत में ही डेब्यूटेंट सारांश जैन (6) का विकेट जल्दी गंवा दिया, लेकिन पंत (63 रन पर नाबाद) और जुरेल (59 रन पर नाबाद) ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के आक्रमण का डटकर सामना किया और मिले मौकों का पूरा फायदा उठाते हुए मैच का रुख पूरी तरह से भारत की ओर मोड़ दिया।
सेशन की शुरुआत में ही श्रीलंका को असिता फर्नांडो ने सफलता दिलाई। उन्होंने जैन को एक तीखे बाउंसर पर आउट किया, जिस पर बल्ले का ऊपरी किनारा लगकर गेंद गली की तरफ चली गई। 307-6 के स्कोर पर भारत के निचले क्रम को लेकर चिंताएं थीं, लेकिन पहले दिन बाजू पर चोट लगने के कारण रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाने वाले पंत वापस क्रीज पर आए और उन्होंने श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों के आक्रामक तेज़ आक्रमण का सामना किया। लाहिरू कुमारा और फर्नांडो ने पंत को शॉर्ट-पिच गेंदे फेंकी जिससे उनके कंधे पर चोट भी लगी, लेकिन इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने आक्रामकता का जवाब सूझबूझ से दिया। उन्होंने कुमारा की गेंद पर छक्का जड़ा जो स्टेडियम की छत पर जाकर गिरा, जिसके चलते गेंद बदलनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने 81 गेंदों में अपने टेस्ट करियर का 21वां अर्धशतक पूरा किया, जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे। दूसरी ओर, जुरेल ने अनुशासित डिफेंस और शानदार ड्राइव के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाया और मिड-विकेट की तरफ शॉट खेलकर अपने टेस्ट करियर का तीसरा अर्धशतक पूरा किया।
श्रीलंकाई गेंदबाजों ने पूरी कोशिश की, लेकिन वे इस साझेदारी को तोड़ने में नाकाम रहे क्योंकि पंत और जुरेल ने स्ट्राइक को अच्छी तरह रोटेट किया और खराब गेंदों पर बाउंड्री बटोरी। फर्नांडो (4-60) सबसे सफल गेंदबाज रहे और कुमारा (1-61) ने भी गेंदबाजी की, लेकिन जब श्रीलंका ने स्पिनर प्रभात जयसूर्या और केशरा नुवान्ता को गेंदबाजी सौंपी तब भी ये दोनों बल्लेबाज डटे रहे। इस जोड़ी की साझेदारी ने न केवल भारत की पारी को संभाला बल्कि श्रीलंका की उस उम्मीद पर भी पानी फेर दिया जो वे सुबह के सत्र से हासिल करना चाहते थे।
भारत की वापसी की नींव पहले दिन देवदत्त पडिक्कल ने रखी थी। उन्होंने 117 रन की पारी खेली जो उनके टेस्ट करियर का लगातार दूसरा शतक था। कप्तान शुभमन गिल के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के फैसले के बाद उनकी इस पारी से मेहमान टीम 300-5 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। पहले टेस्ट में 167 रन बनाने वाले पडिक्कल ने लगभग पांच घंटे तक क्रीज पर समय बिताया। इस दौरान वे शुरुआती ओवरों में मिले दो जीवनदानों का फायदा उठाने में सफल रहे और उन्होंने गिल (50) के साथ 120 रन और रवींद्र जडेजा (43) के साथ 74 रन की अहम साझेदारियां कीं। श्रीलंका के गेंदबाजों ने, जिनकी अगुवाई फर्नांडो (3-46) ने की, ऐसी पिच पर अच्छी अनुशासन दिखाया जिस पर शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल रही थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा उनकी धार कम होती गई।
श्रीलंका के गेंदबाजी कोच रयान वान नीकेर्क ने पहले दिन लंच के बाद की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा था, "मुझे लगता है कि आज हमने वास्तव में अच्छी और कड़ी टक्कर दी," साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई थी कि दूसरे दिन नई गेंद से उन्हें सफलता मिल सकती है। हालांकि, पंत और जुरेल ने इस खतरे को टाल दिया, जिससे श्रीलंका को आफ्टरनून सेशन से पहले अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा।
गाले में खेले गए पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के साथ दो मैचों की सीरीज में पहले ही 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम के लिए सातवें विकेट की इस जोड़ी के मजबूत इरादों ने मेहमानों को सीरीज के इस आखिरी मैच में दबदबा बनाने की स्थिति में ला दिया है। हालांकि, मैच अभी भी रोमांचक मोड़ पर है, क्योंकि श्रीलंका की कोशिश आगे और नुकसान से बचने और अपनी पारी में जोरदार पलटवार करने की होगी।
संक्षिप्त स्कोर: भारत 419/6 (देवदत्त पडिक्कल 117, ऋषभ पंत 63*, असिता फर्नांडो 4-60) बनाम श्रीलंका।


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