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ईरान की रिपोर्ट: हिरासत में रखे गए पायलटों की शारीरिक हालत खराब

Aug 22 (Reuters) - An Iranian military official called on Qatar on Saturday to transfer detained Iranian pilots to a hospital on land, saying they were being held on water and were in "poor physical
Aug 22 (Reuters) - एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने शनिवार को कतार से हिरासत में लिए गए ईरानी पायलटों को जमीन पर स्थित किसी अस्पताल में ट्रांसफर करने की मांग की, और कहा कि उन्हें पानी पर रखा गया है और उनकी शारीरिक हालत "खराब" है Photo via Theprint

'The Indian Express' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने आज घोषणा की है कि हिरासत में रखे गए पायलट "खराब शारीरिक स्थिति" में हैं। यह बयान उन व्यक्तियों के साथ किए जा रहे बर्ताव को लेकर चिंता पैदा करता है, जिन्हें कथित तौर पर पानी पर रखा गया था, हालांकि उनकी हिरासत के हालातों या इसके पीछे के कारणों के बारे में खास विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, हालांकि उपलब्ध जानकारी में पायलटों की गिरफ्तारी की सटीक समयसीमा और संदर्भ का जिक्र नहीं किया गया था।

'The Indian Express' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने आज कहा कि हिरासत में लिए गए दो पायलटों को पानी पर रखा गया है और वे "खराब शारीरिक स्थिति" में हैं। इस घोषणा में पायलटों की राष्ट्रीयता या उनकी हिरासत के सटीक ठिकाने का जिक्र नहीं किया गया है, लेकिन यह इन लोगों के स्वास्थ्य को लेकर तेहरान की तरफ से आई पहली आधिकारिक स्वीकारोक्ति है।

अखबार के हवाले से आए ईरानी बयान में कहा गया है कि हिरासत की परिस्थितियों के कारण उन पायलटों की हालत बिगड़ रही है। एक अज्ञात अधिकारी ने कहा, "उन्हें पानी पर रखा गया था," हालांकि उनकी हिरासत की अवधि या उनके खिलाफ लगे आरोपों के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई। रिपोर्ट में यह साफ नहीं किया गया कि पायलट सिविलियन थे या सैन्यकर्मी, और न ही यह बताया गया कि उन्हें कैसे पकड़ा गया था।

यह घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़े हुए तनाव के बीच सामने आया है, हालांकि ईरानी सरकार ने इन हिरासत मामलों को किसी खास जियोपॉलिटिकल घटना से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि इस बयान की अस्पष्ट भाषा - खासतौर पर "पानी पर रखे जाने" का जिक्र - का मतलब किसी जहाज या अपतटीय (offshore) सुविधा में कैद रखना हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस पारदर्शिता की कमी ने अंतरराष्ट्रीय ऑब्ज़र्वर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिन्होंने हिरासत के कानूनी आधार और उन लोगों के साथ हो रहे बर्ताव पर अधिक स्पष्टता की मांग की है।

The Indian Express ने रिपोर्ट दी है कि कूटनीतिक चैनलों ने अभी तक इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे पायलटों के भविष्य को लेकर सवाल अनुत्तरित हैं। उनकी रिहाई के लिए कोई समयसीमा या उनकी स्थिति के बारे में आगे का कोई अपडेट नहीं दिया गया है। आज की तारीख तक, उनकी गिरफ्तारी के पीछे के कारणों और उस अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) का खुलासा नहीं किया गया है जिसके तहत उन्हें हिरासत में रखा गया है।

उल्लिखित स्रोत

Indian Express