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झारखंड के छात्रों की स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा की योजना

Students in Jharkhand continue protests for recruitment reforms, planning a 'Tiranga Yatra' on Independence Day amid ongoing tensions.
Students in Jharkhand continue protests for recruitment reforms, planning a 'Tiranga Yatra' on Independence Day amid ongoing tensions. Photo via The Hindu

झारखंड के छात्र प्रदर्शनकारियों द्वारा नियोजित 'तिरंगा यात्रा' देश भर में चल रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को बढ़ावा देकर भारत के स्वतंत्रता के 75वें वर्ष का जश्न मनाना है। इस अभियान में व्यापक भागीदारी देखी गई है, जिसमें श्री मनोहर लाल जैसे अधिकारियों द्वारा 'हर घर तिरंगा' कियोस्क का उद्घाटन और नागपुर में एनसीसी (NCC) ग्रुप हेडक्वार्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम शामिल हैं, जो इसके सामूहिक जुड़ाव पर जोर देने को दर्शाते हैं। राजघाट पर महात्मा गांधी को प्रधानमंत्री की हालिया श्रद्धांजलि इस तरह की पहलों और राष्ट्रीय सद्भाव के मूल्यों के बीच प्रतीकात्मक संबंध को और पुख्ता करती है। झारखंड में छात्रों की यह पहल राष्ट्रीय ध्वज पर केंद्रित प्रतीकात्मक कृत्यों के माध्यम से एकता को सुदृढ़ करने के राज्य और सामाजिक प्रयासों के इस व्यापक संदर्भ के बीच सामने आई है।

झारखंड की रिक्रूटमेंट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र आज सुबह 9:30 बजे रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अपनी नियोजित 'तिरंगा यात्रा' शुरू करेंगे, जहां वे तीन हफ्ते से अधिक समय से डेरा डाले हुए हैं। प्रदर्शन के आयोजकों के अनुसार, भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए निकाली जाने वाली यह मार्च कचहरी चौक, न्यूक्लियस मॉल और शहीद चौक जैसे प्रमुख स्थलों से गुजरते हुए वापस स्टेडियम लौटेगी (The Hindu)। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि 21वें दिन में प्रवेश कर चुका यह "अनिश्चितकालीन" प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधारों की उनकी मांगों को पूरा नहीं कर देती। श्री पासवान ने कहा, "स्वतंत्रता दिवस पर हमने एक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया है। इस मार्च में भाग लेने के लिए झारखंड के सभी जिलों से छात्र यहां आएंगे। इसका उद्देश्य एकता और देशभक्ति का संदेश देना है" (The Hindu)।

प्रदर्शन स्थल का स्थानीय अधिकारियों ने दौरा किया है, जिसमें रांची सदर के सब-डिविजनल ऑफिसर कुमार रजत और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट धनंजय कुमार शामिल हैं, जिन्होंने यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। इस बीच, 10 अगस्त को राज्य विधानसभा की ओर एक विरोध मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद से अस्पताल में भर्ती झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्र कुमार महतो ने एक वीडियो संदेश जारी कर छात्रों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। सदर अस्पताल के अपने अस्पताल के बिस्तर से, जहां वे 12 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, श्री महतो ने आंदोलन को "कमजोर" करने के प्रयासों का आरोप लगाया और 10 अगस्त की पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की (The Hindu)। उन्होंने कहा, "फिलहाल सबसे जरूरी चीज रिक्रूटमेंट प्रक्रिया में सुधार है, जो झारखंड में चरमरा गई है। यह वाकई दर्दनाक है कि हर परीक्षा में पेपर लीक होता है, अनियमितताएं होती हैं और सिफारिशों पर नौकरियां दी जा रही हैं," और साथ ही जोड़ा, "झारखंड खतरे में है, और आप सभी को इसे बचाना है" (The Hindu)।

छात्रों की यह पहल देशव्यापी 'हर घर तिरंगा' अभियान के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता की वर्षगांठ के समारोहों के दौरान तिरंगे के प्रतीकात्मक प्रदर्शनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। हरियाणा में, श्री मनोहर लाल ने अभियान के तहत एक 'हर घर तिरंगा' कियोस्क का उद्घाटन किया (PIB), जबकि प्रधानमंत्री ने हाल ही में राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, जो राष्ट्रीय सद्भाव के विषयों को रेखांकित करता है (PIB)। इसी तरह, नूजीविड आईआईएम (IIT) स्थित राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ नॉलेज टेक्नोलॉजीज (RGUKT) ने 14 अगस्त को एक 'हर घर तिरंगा' रैली का आयोजन किया, जिसे वाइस चांसलर एम.एल.एन. राव ने हरी झंडी दिखाई, जिसमें विभिन्न विषयों के छात्रों और फैकल्टी ने हिस्सा लिया (The Hindu)।

झारखंड के प्रदर्शनकारियों द्वारा तिरंगे के प्रतीक का इस्तेमाल उनकी मांगों को देशभक्ति और व्यवस्थागत सुधार के नैरेटिव के दायरे में पेश करने के व्यापक प्रयासों को दर्शाता है। हालांकि, तनाव अभी भी बना हुआ है: 10 अगस्त को हुए विधानसभा मार्च के दौरान झड़पों में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए पुलिस फुटेज की समीक्षा कर रही है और कई FIR दर्ज की जा चुकी हैं (The Hindu)। जैसे-जैसे आज यह यात्रा आगे बढ़ रही है, अनिश्चितता बनी हुई है कि क्या राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों की शिकायतों पर ध्यान देगी या प्रदर्शन और ज्यादा उग्र हो जाएंगे।

उल्लिखित स्रोत

PIB·The Hindu