भारत ने ई-वीज़ा धारकों के प्रवेश के लिए 11 और इंटरनेशनल पोर्ट्स जोड़े
कल, भारत सरकार ने ई-वीज़ा के ज़रिए प्रवेश के लिए 9 नए लैंड पोर्ट्स और 2 एयरपोर्ट्स को अधिकृत करने की घोषणा की, जिससे अधिकृत पोर्ट्स की कुल संख्या बढ़कर 88 हो गई है।

भारत सरकार ने आज इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा रखने वाले विदेशी नागरिकों के लिए प्रवेश बिंदुओं के रूप में 11 अतिरिक्त इंटरनेशनल पोर्ट्स को अधिसूचित किया। इस कदम का उद्देश्य ई-वीज़ा प्रणाली की उपयोगिता और आकर्षण को बढ़ाना है। यह विस्तार यात्रा प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए किए गए पिछले प्रयासों के बाद आया है, क्योंकि ई-वीज़ा ढांचा पहले सीमित संख्या में निर्धारित पोर्ट्स के ज़रिए ही प्रवेश की अनुमति देता था। इस नोटिफिकेशन का मक़सद पहुँच को व्यापक बनाकर पर्यटकों, बिज़नेस ट्रैवलर्स और अन्य वीज़ा धारकों के लिए प्रवेश को अधिक सुगम बनाना है, जो पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की बड़ी पहलों के अनुरूप है। इस विकास की पुष्टि प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) सहित आधिकारिक स्रोतों ने की है, जिसमें विदेशी आगंतुकों के लिए सुविधा में सुधार करने पर नीति के फ़ोकस को रेखांकित किया गया है।
सोमवार को, भारतीय सरकार ने पंजाब में अटारी बॉर्डर को उन इंटरनेशनल पोर्ट्स की सूची में जोड़ दिया जहाँ इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा रखने वाले विदेशी नागरिक देश में प्रवेश कर सकते हैं। यह प्रवेश बिंदुओं को 11 बढ़ाने वाली एक व्यापक अधिसूचना का हिस्सा है। आधिकारिक बयानों से पुष्टि किए गए इस कदम में नौ लैंड पोर्ट्स और दो एयरपोर्ट्स शामिल हैं, जिससे देश भर में निर्धारित ई-वीज़ा एंट्री पॉइंट्स की कुल संख्या 88 हो गई है।
ज़मीन, हवा और समुद्र में फैले इन नए अधिसूचित पोर्ट्स का मक़सद पर्यटकों, बिज़नेस विजिटर्स और अन्य ई-वीज़ा धारकों के लिए यात्रा को आसान बनाना, प्रमुख केंद्रों पर भीड़भाड़ कम करना और भारत की इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा प्रणाली के लिए पात्र 172 देशों के यात्रियों के लिए पहुँच में सुधार करना है। इन नए पोर्ट्स में जम्मू में अखनूर और जम्मू-कश्मीर में कठुआ जैसे लैंड पोर्ट्स के साथ-साथ बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल है, जो दिल्ली और मुंबई जैसे मौजूदा महानगरों के गेटवे से जुड़ गया है। गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने कहा कि 95% ई-वीज़ा आवेदनों पर 72 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाती है, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ दक्षता को संतुलित करने के प्रयासों को रेखांकित करता है (Google News India)।
यह विस्तार भारत की वीज़ा व्यवस्था में एक दशक से अधिक के सुधारों पर आधारित है। 43 देशों के नागरिकों के लिए 2014 में शुरू की गई ई-वीज़ा प्रणाली तब से बढ़कर 17 उप-श्रेणियों—पर्यटन, व्यापार और चिकित्सा यात्रा सहित—को कवर करती है और अब भारत द्वारा जारी सभी वीज़ा का 78% हिस्सा है। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रवेश बिंदुओं के उदारीकरण का उद्देश्य मजबूत सुरक्षा जाँच बनाए रखते हुए पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के बड़े लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाना है। प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने नोट किया कि स्वचालित निकासी प्रणालियों और आव्रजन (immigration) व सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर डेटा-शेयरिंग जैसे तकनीकी अपग्रेड ने इस विस्तार में मदद की है (PIB)।
यह नीतिगत बदलाव पिछले सुरक्षा हमलों से मिले सबक को भी दर्शाता है। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद, जिन्होंने वीज़ा निगरानी में कमियों का फायदा उठाया था, भारत ने अपनी आव्रजन प्रक्रियाओं में सुधार किया। कनाडाई नागरिक तहव्वुर हुसैन राणा का मामला, जिसके आव्रजन कारोबार का कथित तौर पर आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली द्वारा भारत में प्रवेश करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, ने सख्त जाँच तंत्र को प्रेरित किया। आज, सरकार इस बात पर ज़ोर देती है कि वीज़ा उदारीकरण के साथ “सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता” किया गया है, जिसमें वीज़ा धारकों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और मंत्रालयों के बीच इंटरऑपरेबल डेटाबेस शामिल हैं (Google News India)।
नवीनतम जुड़ाव के साथ, भारत के ई-वीजा एंट्री पॉइंट्स के नेटवर्क में अब 37 एयरपोर्ट्स, 38 सीपोर्ट्स और 13 लैंड पोर्ट्स शामिल हैं। हालांकि इस अधिसूचना को यात्रा को सरल बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक आगे के विस्तार के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है और न ही इस बारे में कोई जानकारी दी है कि नए पोर्ट्स बढ़ी हुई आवाजाही से निपटने के लिए कैसे लैस किए जाएंगे। फिलहाल, पूरा ध्यान विंटर टूरिज्म सीजन से पहले इन मौजूदा बदलावों को सुचारू रूप से लागू करने पर है।


Google News India·PIB