लोकसभा सचिवालय ने विदेशी अंशदान संशोधन बिल पर प्रेस विज्ञप्ति जारी की

लोकसभा सचिवालय ने फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन बिल की जांच कर रही जॉइंट कमेटी के संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। यह कमेटी उन प्रस्तावित बदलावों की समीक्षा कर रही है जो भारत में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अन्य संस्थाओं द्वारा विदेशी फंड प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करते हैं।
लोकसभा सचिवालय ने मंगलवार को फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) संशोधन बिल की जांच कर रही जॉइंट कमेटी के संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिससे यह संकेत मिलता है कि पैनल भारत में गैर-सरकारी संगठनों और अन्य एसोसिएशनों के लिए विदेशी फंडिंग को विनियमित करने वाले कानून में प्रस्तावित बदलावों पर लगातार विचार-विमर्श कर रहा है (PRS India)।
इस विज्ञप्ति से इस बात की पुष्टि होती है कि कमेटी इस संशोधन बिल की सक्रिय रूप से समीक्षा कर रही है, जिसका उद्देश्य मौजूदा फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट, 2010 में बदलाव करना है। वह कानून व्यक्तियों, एसोसिएशनों और कंपनियों द्वारा विदेशी अंशदान या विदेशी आतिथ्य को स्वीकार करने और उसके इस्तेमाल के लिए विनियामक ढांचा प्रदान करता है। मौजूदा संशोधन प्रक्रिया संसद में बिल पेश किए जाने के बाद उसे विस्तार से जांच के लिए जॉइंट कमेटी को सौंपे जाने के बाद आगे बढ़ी है।
जॉइंट कमेटी के दायरे में प्रस्तावित संशोधनों की एक-एक खंड पर जांच करना, साथ ही स्टेकहोल्डर्स और संबंधित मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श करना शामिल है। यह प्रेस विज्ञप्ति इस विधायी समय-सीमा पर एक प्रक्रियागत अपडेट के रूप में है, हालांकि इसमें कमेटी द्वारा सदन को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए किसी डेडलाइन का जिक्र नहीं किया गया है। कमेटी की समीक्षा का परिणाम इस बात तय करेगा कि संसद में विचार और पारित होने के लिए वापस आने से पहले इस कानून का अंतिम स्वरूप क्या होगा।

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