चुनाव आयोग ने आंध्र प्रदेश और मेघालय में एसआईआर की तारीखें बढ़ाईं

भारत निर्वाचन आयोग ने आंध्र प्रदेश और मेघालय में मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की तारीखें बढ़ा दी हैं। यह पुनरीक्षण चुनावों से पहले नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने, प्रविष्टियों को सुधारने और मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाने के लिए मतदाता सूचियों को अपडेट करने की एक नियमित लेकिन बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इस विस्तार से इन दोनों राज्यों के नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा, जिससे आगामी चुनावी चक्रों से पहले सूचियों की सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी।
भारत निर्वाचन आयोग की फुल बेंच ने बुधवार को चार दिन में दूसरी बार बैठक की और आंध्र प्रदेश तथा मेघालय में अंतिम मतदाता सूचियों के प्रकाशन की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला किया। इन दोनों राज्यों में फिलहाल मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चल रहा है। बैठक के बाद जारी विवरण के अनुसार, आंध्र प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची अब 3 अक्टूबर के बजाय 16 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी, जबकि मेघालय की सूची 7 अक्टूबर के बजाय 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दी जाएगी (The Hindu)।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में 26 सितंबर को घोषित सुधारात्मक उपायों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। वे उपाय एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आयुक्तों संधू और जोशी की कथित असहमति टिप्पणियों के बाद सामने आए थे। उस समय घोषित कदमों में, आयोग ने ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी’ श्रेणियों के तहत चिह्नित मतदाताओं के लिए भौतिक सुनवाई पर रोक लगा दी थी और नए मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 6 के साथ संलग्न एक घोषणा को सीमित कर दिया था, ताकि यह केवल उन राज्यों में लागू हो जहां एसआईआर सक्रिय रूप से चल रहा है। उस घोषणा को मंगलवार शाम को गैर-एसआईआर राज्यों से अलग (डी-लिंक) कर दिया गया था (The Hindu)।
आंध्र प्रदेश में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 10 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है, जिससे नागरिकों को प्रविष्टियों पर आपत्ति जताने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। आयोग ने इस बात की भी पुष्टि की कि एक सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता वाली समिति, जिसमें किसी आईआईटी या आईआईआईटी का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा, मतदाता सूचियों के प्रबंधन में इसके केंद्रीकरण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए ECINet पोर्टल की समीक्षा करेगी (The Hindu)।
अलग से, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि जिन मामलों में नोटिस जारी किए गए थे, उनमें दस्तावेजों को एकत्र करने के लिए बूथ-लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर दौरा करना शुरू कर दिया है। पीआईबी ने नई तारीखों का जिक्र किए बिना दोनों राज्यों के लिए तारीखें बढ़ाए जाने की पुष्टि की (PIB)। अंतिम सूचियां प्रकाशित होने से पहले टाइमलाइन में और बदलाव करने की जरूरत पड़ेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
PIB·The Hindu