केरल हाईकोर्ट का राज्य सरकार को डिजिटल री-सर्वे की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल पर फैसला लेने का निर्देश

केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भूमि रिकॉर्ड के डिजिटल री-सर्वे में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक एक्सपर्ट पैनल नियुक्त करने पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश सर्वे प्रक्रिया की सटीकता और पारदर्शिता को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच आया है, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक का उपयोग करके भूमि रिकॉर्ड को अपडेट करना है। कोर्ट का यह हस्तक्षेप भूमि रिकॉर्ड की अखंडता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करता है, जो संपत्ति के अधिकारों और शासन के लिए महत्वपूर्ण हैं। उम्मीद है कि राज्य सरकार कोर्ट के इस निर्देश पर जवाब देगी, जिससे इस मामले में औपचारिक जांच का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान भूमि रिकॉर्ड के डिजिटल री-सर्वे में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी के गठन पर फैसला लेने का निर्देश दिया। यह आदेश चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस वी.एम. श्याम कुमार की डिवीजन बेंच ने कांग्रेस नेता शाजी जे. कोडनकांडथ की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया (The Hindu)।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि डिजिटल सर्वे उपकरणों के टेंडर में हुई अनियमितताओं के कारण सरकारी खजाने को 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, और मामले की विजिलेंस जांच की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान, रेवेन्यू डिपार्टमेंट के ज्वॉइंट सेक्रेटरी एन.सी. संतोष ने कोर्ट को बताया कि विजिलेंस एंड एंटी-कोरप्शन ब्यूरो (VACB) के डायरेक्टर के सुझाव के मुताबिक एक्सपर्ट कमेटी के गठन का मामला सरकार के विचाराधीन है। संतोष ने आगे जोड़ा कि इस पर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा। VACB डायरेक्टर ने यह भी सिफारिश की थी कि कमेटी में विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट्स को शामिल किया जाए (The Hindu)।
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