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दिल्ली कॉन्फिडेंशियल: सोनिया-ममता के रिश्तों और यूपी चुनाव की तैयारियों पर खास नजर

The Indian Express ने उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले की राजनीतिक हलचल पर एक "दिल्ली कॉन्फिडेंशियल" कॉलम प्रकाशित किया है, जिसमें खास तौर पर सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच की आत्मीयता के साथ-साथ अखिलेश यादव की "स्पेशल डायरी" का जिक्र किया गया है। यह कॉलम विपक्षी नेताओं के बीच चुनाव से पहले की राजनीतिक रणनीतिक जोड़-तोड़ के सिलसिले में सामने आया है।

The Indian Express ने गुरुवार को एक "दिल्ली कॉन्फिडेंशियल" कॉलम प्रकाशित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी नेताओं की रणनीतिक हलचल के बीच कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच दिखी आत्मीयता और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की "स्पेशल डायरी" का जिक्र किया गया है (Indian Express)।

राजधानी की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने वाले इस नियमित कॉलम में गांधी और बनर्जी के बीच हुई बातचीत को गैर-भाजपा ताकतों के बीच संभावित तालमेल के संकेत के रूप में रेखांकित किया गया है। तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व करने वाली बनर्जी ने पहले राष्ट्रीय विपक्षी राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने की इच्छा जताई है, जबकि कांग्रेस सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय विकल्प के रूप में बनी हुई है। उनके बीच का यह सार्वजनिक अपनापन विपक्षी खेमे के नेतृत्व को लेकर अतीत के मनमुटाव को पाटने की कोशिश का संकेत देता है।

इसके साथ ही, कॉलम में आगामी राज्य चुनाव के संदर्भ में यादव के "स्पेशल डायरी" वाले जिक्र पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की मुख्य प्रतिद्वंद्वी है, और यादव की चुनावी रणनीति अपने मुख्य वोटर बेस को एकजुट करने के साथ-साथ अन्य समुदायों तक पहुंच बनाने पर केंद्रित रही है। संक्षिप्त रिपोर्ट में डायरी के बारे में विस्तार से भले ही न बताया गया हो, लेकिन पार्टी की आंतरिक योजना या चुनावी वादों के लिहाज से इसे एक दिलचस्प बिंदु के रूप में उठाया गया है।

यह टिप्पणियां उत्तर प्रदेश चुनावों से ठीक पहले तेज हुई राजनीतिक सरगर्मी की पृष्ठभूमि में सामने आई हैं, जिन्हें आम चुनावों से ठीक पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है। विपक्षी दल सीट-बंटवारे के समझौते और संयुक्त प्रचार की संभावनाओं तलाश रहे हैं, हालांकि कई राज्यों में अभी तक कोई ठोस गठबंधन नहीं हो पाया है। कॉलम में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि गांधी-ममता की इस मुलाकात से उत्तर प्रदेश या अन्य चुनावों को लेकर कोई औपचारिक समझौता हुआ है या नहीं।

उल्लिखित स्रोत

Indian Express