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दक्षिण अफ्रीका में ताबड़तोड़ फायरिंग, कम से कम 27 लोगों की मौत

दक्षिण अफ्रीकी पुलिस और सैन्यकर्मी सामूहिक गोलीबारी की उस घटना के बाद घटनास्थल पर जमा हुए जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए।
दक्षिण अफ्रीकी पुलिस और सैन्यकर्मी सामूहिक गोलीबारी की उस घटना के बाद घटनास्थल पर जमा हुए जिसमें कम से कम 27 लोग मारे गए। Photo via Dw

AP News, Reuters और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका के टाउनशिप इलाकों में हुई अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है। ये हमले अलग-अलग टाउनशिप लोकेशन पर हुए, हालांकि उपलब्ध स्रोतों में इन वारदातों की तारीखों, हमलावरों और motive के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई है। हिंसा की इस लहर ने दक्षिण अफ्रीका के टाउनशिप समुदायों में सुरक्षा से जुड़ी उन चुनौतियों को उजागर कर दिया है, जहां पहले से ही हाई क्राइम रेट और सामाजिक-आर्थिक दबाव अस्थिरता को बढ़ावा देते रहे हैं।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दक्षिण अफ्रीका पुलिस टाउनशिप में हुई अलग-अलग फायरिंग की घटनाओं, जिनमें कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई थी, के पीछे माइनिंग विवाद और बिजनेस की रंजिश को संभावित motive मानकर जांच कर रही है। ये हमले अलग-अलग टाउनशिप लोकेशन पर हुए, हालांकि पुलिस ने अभी तक सटीक जगहों या घटनाओं के समय का खुलासा नहीं किया है। मरने वालों की संख्या को देखते हुए यह देश के टाउनशिप में हाल के दिनों की सबसे भीषण गोलीबारी की घटनाओं में से एक है।

इस नरसंहार के दायरे ने टाउनशिप समुदायों में बनी आ रही अस्थिरता पर तुरंत ध्यान आकर्षित किया है, जहां लंबे समय से बेरोजगारी और अवैध हथियारों की भरमार क्रिमिनल सिंडिकेट्स को बढ़ावा दे रही है। हालांकि टाउनशिप में हिंसा दक्षिण अफ्रीका के क्राइम लैंडस्केप का एक जाना-पहचाना हिस्सा रही है, लेकिन अलग-अलग जगहों पर एक साथ हुई गोलीबारी से मिले संकेतों से लगता है कि संगठित अपराध के तरीकों में तेजी आई है। पुलिस प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि डिटेक्टिव्स इस हिंसा को माइनिंग और बिजनेस से जुड़े विवादों से जोड़ने वाले सुरागों पर काम कर रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की घोषणा नहीं की गई है (Reuters India)।

ये घटनाएं देश भर में मर्डर के बढ़ते मामलों के बीच सामने आई हैं। इस साल की शुरुआत में जारी ऑफिशियल क्राइम आंकड़ों से पता चला था कि दक्षिण अफ्रीका में 2023-2024 के फाइनेंशियल ईयर में 27,000 से अधिक मर्डर दर्ज किए गए, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा फायरिंग से जुड़ा था। रंगभेद के दौर में हाशिए पर रहे टाउनशिप, जो आज भी पुलिस के अपर्याप्त बुनियादी ढांचे से जूझ रहे हैं, इस हिंसा का सबसे बड़ा शिकार बन रहे हैं। कम्युनिटी लीडर्स ने बार-बार चेतावनी दी है कि आर्थिक अवसरों की कमी से पैदा हुए खालीपन की जगह गैंग और जबरन वसूली करने वाले रैकेट ले लेते हैं, जो अक्सर कंस्ट्रक्शन, ट्रांसपोर्ट और अवैध माइनिंग सेक्टर से जुड़े होते हैं।

इन्वेस्टिगेटर इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या ये फायरिंग एक ही सुपारी किलर्स के नेटवर्क ने की थी या फिर विरोधी गुटों ने स्वतंत्र रूप से लेकिन एक साथ मिलकर इसे अंजाम दिया था। इस्तेमाल किए गए हथियारों के बैलिस्टिक सबूत जुटाने के लिए कई घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस ने चश्मदीदों से आगे आने की अपील की है और माना है कि बदला लिए जाने के डर से अक्सर टाउनशिप की जांच में लोगों का सहयोग नहीं मिल पाता है। रविवार शाम तक, पीड़ितों के परिवारों को सूचना दिए जाने के बाद ही उनकी पहचान सार्वजनिक की जानी बाकी थी (AP India)।

उल्लिखित स्रोत

AP India·Reuters India