मेटा को महिला की मॉर्फ्ड फोटो हटाने के लिए 24 घंटे का समय मिला

'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा को एक मॉर्फ्ड तस्वीर हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है और 'सिटिजंस जस्टिस पार्टी' के नेताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। यह घटनाक्रम राजनीतिक हस्तियों से जुड़े हेरफेर किए गए मीडिया (कंटेंट) के प्रसार को लेकर आधिकारिक चिंता को दर्शाता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मेटा प्लेटफॉर्म्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक महिला की मॉर्फ्ड तस्वीर 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने इस मामले को "असाधारण स्थिति" करार दिया, जो एक महिला की गरिमा और प्रधानमंत्री कार्यालय दोनों से जुड़ा है (The Hindu)। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने एक महिला द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। महिला ने आरोप लगाया था कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित फेस-स्वैपिंग टूल का इस्तेमाल करके उसका चेहरा एक अश्लील तस्वीर पर लगा दिया और इसे इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया (The Hindu)।
अदालत ने महिला के इन आरोपों के आधार पर CJP के नेताओं सौरव दास, अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को भी नोटिस जारी किए कि वे इस फर्जी कंटेंट को बनाने और फैलाने में शामिल थे (The Hindu)। वकील उमेश चंद्र शर्मा द्वारा बहस की गई इस याचिका में कहा गया है कि यह घटना नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई, जहां आरोपियों ने कथित तौर पर मॉर्फ्ड तस्वीर के फिजिकल बैनर छपवाए, उन्हें भीड़ में घुमाया और यौन रूप से भद्दे नारे लगाए (The Hindu)। याचिका में आगे आरोप लगाया गया कि मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें विभिन्न पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर भी अपलोड और वितरित की गईं (The Hindu)।
यद्यपि एक एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है, याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को सूचित किया कि जिम्मेदार लोगों को पकड़ने या मानहानि करने वाले लिंक को तुरंत हटाने और ब्लॉक करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है (The Hindu)। जस्टिस कठपालिया ने टिप्पणी की कि यदि दिल्ली पुलिस इस मामले को लेकर संवेदनशील नहीं है, तो अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि वह संवेदनशील बने। साथ ही, उन्होंने पुलिस को उस महिला को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया, जिसने बताया था कि उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं (The Hindu)। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी (The Hindu)।
Indian Express·The Hindu