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अभिजीत सावंत ने मुंबई में अपने शुरुआती दिनों के आर्थिक संघर्ष को किया याद

सिंगर अभिजीत सावंत इंडियन आइडल सीजन 1 जीतने से पहले मुंबई में अपने शुरुआती आर्थिक संघर्षों को याद कर रहे हैं।
सिंगर अभिजीत सावंत इंडियन आइडल सीजन 1 जीतने से पहले मुंबई में अपने शुरुआती आर्थिक संघर्षों को याद कर रहे हैं। Photo via News18

अभिजीत सावंत इंडियन आइडल का पहला सीजन जीतने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हुए थे। इस मील के पत्थर ने भारतीय मनोरंजन उद्योग में उनके करियर की शुरुआत की थी। 'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने सफलता मिलने से पहले मुंबई में एक किशोर के रूप में झेले गए आर्थिक संघर्षों को याद किया और बताया कि एक वक्त ऐसा भी आया था जब उनके पास सिर्फ एक रुपया बचा था। यह चर्चा उनके शुरुआती संघर्षों और एक सिंगर व टेलीविजन पर्सनैलिटी के रूप में उनकी बाद की सफलता के बीच के अंतर को उजागर करती है।

साल 2005 में Indian Idol का पहला सीजन जीतने वाले सिंगर अभिजीत सावंत ने सफलता मिलने से पहले अपनी तंगहाली के दिनों को याद किया। उन्होंने The Indian Express को बताया कि मुंबई में खुद को स्थापित करने की कोशिश के दौरान एक समय उनके पास केवल आखिरी एक रुपया ही बचा था। शुक्रवार को प्रकाशित इस इंटरव्यू में इसकिस्से को शहर में उनके शुरुआती वर्षों और उसके बाद प्लेबैक सिंगिंग, टेलीविजन होस्टिंग और रियलिटी शो जजिंग तक फैले उनके करियर के बीच की लंबी दूरी के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है।

सावंत ने बताया कि वह एक सिंगर बनने की महत्वाकांक्षा के साथ किशोर अवस्था में मुंबई आए थे, लेकिन उनके पास कोई फाइनैंशियल सपोर्ट नहीं था। उन्होंने बताया कि पैसे बचाने के लिए उन्होंने कई दिन शहर के स्टूडियो सर्किट में पैदल चलकर बिताए और अपने सीमित बजट को चलाने के लिए अक्सर खाना तक छोड़ देते थे। उन्होंने कहा कि उनके जीवन का सबसे बुरा दौर तब आया जब उन्होंने अपने बचे हुए पैसों को गिना और उनके पास सिर्फ एक रुपए का सिक्का मिला। सामने आए अंशों में उन्होंने इस घटना केexact साल का जिक्र नहीं किया, लेकिन इसे उस दौर का बताया जब उन्होंने साल 2004 के उस ऑडिशन से पहले संघर्ष किया था जिसने उन्हें सोनी टीवी के टैलेंट हंट तक पहुंचाया था।

Indian Idol सीजन 1 में जीत हासिल करने के बाद सावंत रातोंरात घर-घर में जाना-पहचाना नाम बन गए। Pop Idol फॉर्मेट पर आधारित यह शो भारतीय टेलीविजन पर अपने तरह का पहला शो था जिसे भारी दर्शकों ने देखा था। रनर-अप अमित सना को हराकर सावंत की जीत का फैसला पब्लिक वोटिंग के जरिए हुआ था। साल 2005 में रिलीज उनका पहला एल्बम Aapka Abhijeet Sawant बहुत बिका और इसके टाइटल ट्रैक "मोहब्बतें लुटाऊंगा" को रेडियो पर खूब बजाया गया। इसके बाद उन्होंने 2007 में अपना दूसरा एल्बम Junoon लॉन्च किया और Aashiq Banaya Aapne तथा Tees Maar Khan जैसी फिल्मों में अपनी आवाज दी।

इसके बाद के वर्षों में सावंत मनोरंजन जगत में लगातार सक्रिय रहे हैं। वह एक गेस्ट और मेंटोर के तौर पर Indian Idol के मंच पर लौटे, Jo Jeeta Wohi Super Star और Asian Idol जैसे शो होस्ट किए और 2022 में Bigg Boss Marathi में भी हिस्सा लिया। उन्होंने अचानक मिली शोहरत के दबाव और रियलिटी शो की शुरुआती पब्लिसिटी कम होने के बाद म्यूजिक करियर को बनाए रखने की कठिनाइयों के बारे में भी सार्वजनिक रूप से बात की है।

Indian Express का यह लेख उनके इस सफर में एक निजी पहलू जोड़ता है। इसमें "1 रुपये" वाले किस्से का इस्तेमाल मुंबई के मनोरंजन उद्योग में प्रवासियों की कहानियों के पीछे छिपी आर्थिक कमजोरी को दिखाने के लिए किया गया है। प्रकाशित अंशों में सावंत ने इस बात का विस्तार से जिक्र नहीं किया कि उन्होंने उस खास दिन कैसे गुजारा या उसके तुरंत बाद उन्हें कौन सी बड़ी सफलता मिली, जिससे गरीबी से लेकर ऑडिशन रूम तक पहुंचने का उनका सफर अनकहा रह गया।

उल्लिखित स्रोत

Indian Express