आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ को मानद नेपाली जनरल की रैंक से सम्मानित किया गया

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को कल काठमांडू के शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा नेपाली सेना के जनरल की मानद रैंक से सम्मानित किया गया। यह दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी परंपरा के निर्वहन का प्रतीक है। इस अलंकरण समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति रामसहाय प्रसाद यादव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल और नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव शामिल हुए, जो भारत और नेपाल के बीच मजबूत सैन्य और कूटनीतिक रिश्तों को रेखांकित करता है। जनरल सेठ, जो अपने समकक्ष जनरल अशोक राज सिग्del के निमंत्रण पर रविवार को नेपाल पहुंचे थे, ने अपनी इस यात्रा के दौरान नेपाली सैन्य नेतृत्व और भारतीय कूटनीतिक अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी की (Google News India)।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) द्वारा घोषित इस आधिकारिक यात्रा में रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम शामिल हैं। सोमवार को जनरल सेठ ने नेपाली सेना मुख्यालय में जनरल सिग्del से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास और सीमा पार सुरक्षा समन्वय समेत आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय सेना प्रमुख ने नेपाली सेना को सैन्य और मेडिकल उपकरण भी सौंपे, जो क्षमता निर्माण में चल रहे सहयोगात्मक प्रयासों को दर्शाता है। बाद में, उन्होंने नेपाली सेना मुख्यालय में एक पौधा लगाया और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। ये प्रतीकात्मक कदम इस यात्रा के औपचारिक और रणनीतिक दोनों आयामों पर जोर देते हैं (PIB)।
भारतीय और नेपाली सेनाओं के बीच मानद रैंक प्रदान करने की शुरुआत 1950 में हुई थी। यह प्रथा दोनों देशों के साझा इतिहास और भौगोलिक निकटता पर आधारित है। यह पारस्परिक परंपरा, जिसके तहत नेपाल के सेना प्रमुख को भी भारत द्वारा इसी तरह सम्मानित किया जाता है, क्षेत्रीय स्थिरता में उनकी सहयोगात्मक भूमिका की औपचारिक स्वीकृति के रूप में कार्य करती है। जनरल सेठ की यह यात्रा हाल ही में हुए उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के बाद हुई है, जिसमें जून 2026 में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बैठक भी शामिल है। यह यात्रा सैन्य-से-सैन्य साझेदारियों के माध्यम से अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की भारत की व्यापक रणनीति के अनुरूप है (Google News India)।
यद्यपि यह यात्रा संस्थागत सहयोग पर केंद्रित है, लेकिन यह दक्षिण एशिया में बदलती भू-राजनीतिक गतिशीलता की पृष्ठभूमि में भी हो रही है। बुनियादी ढांचे और रक्षा परियोजनाओं में नेपाल का भारत और चीन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास हाल के वर्षों में ध्यान आकर्षित करता रहा है। हालांकि, दोनों देशों के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि मानद रैंक प्रदान करने का समारोह और इससे जुड़ी बातचीत एक नियमित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य "समय की कसौटी पर खरे उतरे" द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है (Google News India).
जनरल सेठ का नेपाल में कार्यक्रम इस सप्ताह के अंत तक समाप्त होने की उम्मीद है, हालांकि आगे की बैठकों और कार्यक्रमों का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है। रक्षा खरीद या संयुक्त अभियानों पर संभावित समझौतों सहित इस यात्रा के परिणामों की घोषणा आने वाले दिनों में किए जाने की संभावना है। फिलहाल, मानद रैंक प्रदान करने के इस समारोह और साझा सैन्य विरासत पर जोर दिए जाने से भारत-नेपाल सहयोग के प्रतीकात्मक और व्यावहारिक दोनों आधार मजबूत होते हैं।


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