फ्लाईदुबई की तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट कॉकपिट में विवाद के बाद सुरक्षित संभाली गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट पर हुए हमले के दौरान लोगों की जान बचाने में दिखाई गई बहादुरी और साहस के लिए कैप्टन समित मच्छहर की सार्वजनिक रूप से तारीफ की है। प्रधानमंत्री की ओर से मिली इस सराहना से एक संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में पायलट की सूझबूझ का महत्व पता चलता है।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की बोइंग 737-8 मैक्स फ्लाइट (FZ 1073) बुधवार को 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गोता लगा गई। आरोप है कि कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला कर दिया था, जिससे विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा और इसकी रफ्तार लगभग आवाज की गति (स्पीड ऑफ साउंड) के करीब पहुंच गई। भारतीय नागरिक के तौर पर पहचाने गए कैप्टन समित मच्छहर ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिससे एक पैसेंजर और क्रू मेंबर्स अंदर आ सके, हमलावर को काबू कर सके और विमान को संभाल सके। एयरलाइन के मुताबिक, जेट को उत्तर-पश्चिम सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया, जहां वह सुरक्षित उतर गया। विमान में सवार सभी 174 पैसेंजर और क्रू सुरक्षित हैं (The Hindu)।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को एक वीडियो मैसेज में पूरी घटना का ब्योरा देते हुए कहा कि को-पायलट की मंशा विमान को क्रैश करने की थी। पैसेंजरों और क्रू के दखल के बारे में नेतन्याहू ने कहा, "उन्होंने एक बड़ी आपदा टाल दी" (The Hindu)। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि विमान ने गैर-कानूनी दखल के कोड 7500 पर स्विच करने से पहले और बाद में वापस 7700 पर लौटने से पहले, सामान्य इमरजेंसी कोड 7700 ट्रांसमिट किया था। लैंडिंग के बाद सऊदी अधिकारियों ने उस को-पायलट को हिरासत में ले लिया जिसकी पहचान उजागर नहीं की गई है (The Hindu)।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से बात करते हुए मच्छहर को हीरो बताया और नेतन्याहू के साथ हुई अपनी बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इज़राइली नेता ने एक इज़राइली पैसेंजर के नाटकीय ढंग से बीच-बचव करने का वाकया सुनाया था, जिसकी पहचान एक प्लंबर के रूप में हुई है जिसने कभी कोई विमान नहीं उड़ाया था। ट्रम्प के अनुसार, वह पैसेंजर कॉकपिट में घुसा, को-पायलट को उसकी सीट से खींचकर पीछे की ओर धकेल दिया, जहां अन्य लोगों ने ज़िप टाई और हेडफ़ोन से उसे बांधने में मदद की। उस पैसेंजर ने बाद में अधिकारियों को बताया कि उसने टेलीविज़न प्रोग्राम "एयर डिज़ास्टर्स" देखकर विमान उड़ाने की बुनियादी बातें सीखी थीं। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि वह किसी स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के बजाय केवल मिली हुई जानकारी ही साझा कर रहे हैं (The Hindu)।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ट्रम्प से बात की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस कॉल को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने वाली "सार्थक बातचीत" बताया (PIB)। एक अलग बयान में, मोदी ने "जान बचाने में अदम्य साहस और बहादुरी" दिखाने के लिए मच्छहर की सराहना की और कहा कि देश को एक बड़ी त्रासदी टालने में पायलट के इस कदम पर गर्व है (PIB)। नेतन्याहू ने भी मच्छहर की तारीफ करते हुए X पर लिखा कि कैप्टन ने "जवाबी कार्रवाई की, मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और पैसेंजरों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया — जिससे हवा में होने वाली एक बड़ी आपदा टल गई" (The Hindu)।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि स्पाइसजेट के साथ पहले काम कर चुके मच्छहर तबुक के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। दूतावास उनके परिवार और सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है (The Hindu)। फ्लाईदुबई ने इस घटना को "आपसी विवाद" करार दिया और कहा कि इसके पीछे के कारण और motive (मकसद) अभी साफ नहीं हैं तथा इस पर औपचारिक जांच चल रही है। जांच जारी रहने तक एयरलाइन ने इज़राइल आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है (The Hindu)। इज़राइली अधिकारियों ने इस हमले की तह तक जाने का संकल्प लिया है, हालांकि अभी तक इसके पीछे का motive पता नहीं चल पाया है।
स्रोतः पीआईबी, द हिंदू

PIB·The Hindu