दिल्ली के सीएनजी स्टेशन पर विस्फोट, तीन की मौत और तीन घायल

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में आज एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) सुविधाओं पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। प्रदूषण कम करने के प्रयासों के बीच ये स्टेशन दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए अहम बुनियादी ढांचा बन चुके हैं। अधिकारियों ने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक नतीजा सामने नहीं आया है। इस घटना से घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में हाई-प्रेशर गैस सिस्टम और उनके रखरखाव से जुड़े जोखिमों का पता चलता है।
The Indian Express के मुताबिक, कल दिल्ली में एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह धमाका शहर के ओखला इलाके में स्थित एक फैसिलिटी में हुआ। यह इलाका सीएनजी इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक प्रमुख केंद्र है, जो क्लीन ईंधन अपनाकर दिल्ली में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में मदद करता है। विस्फोट के बाद इमरजेंसी सर्विस तुरंत मौके पर पहुंचीं। इस घटना के बाद वहां से लोगों को हटाया गया और सुरक्षा जांच के लिए पूरे इलाके को घेर लिया गया।
अधिकारियों ने अभी तक विस्फोट के कारणों का खुलासा नहीं किया है, हालांकि फायर डिपार्टमेंट के अधिकारियों और फॉरेंसिक टीमों द्वारा जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि यह घटना गैस लीक या किसी टेक्निकल खराबी की वजह से हो सकती है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। घायलों में दो कर्मचारी और एक ग्राहक शामिल हैं, जिन्हें जलने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस घटना से सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा को लेकर लगातार बनी रहने वाली चिंताएं फिर से सामने आ गई हैं, जो घनी आबादी वाले शहरी इलाकों में हाई-प्रेशर गैस सिस्टम का संचालन करते हैं। प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली का ट्रांसपोर्ट सेक्टर बड़े पैमाने पर सीएनजी पर निर्भर है और शहर भर में 1,500 से अधिक रीफ्यूलिंग स्टेशन चालू हैं। हालांकि, दिल्ली पल्यूशन कंट्रोल कमेटी के पिछले ऑडिट में अनियमित रखरखाव और स्टेशनों व रिहायशी इलाकों के बीच अपर्याप्त सुरक्षा बफर जोन पर सवाल उठाए गए थे। साल 2023 में नarela में हुए एक ऐसे ही विस्फोट में चार लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग उठी थी।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाका अचानक और बहुत तेज था, जिसके बाद स्टेशन के कुछ हिस्सों में आग की लपटें फैल गईं। एक स्थानीय दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “आवाज इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे कोई बम फटा हो।” पाइपलाइनों में बची हुई गैस के कारण भड़की आग पर काबू पाने में दमकल कर्मियों को एक घंटे से अधिक का समय लगा।
दिल्ली सरकार ने सभी सीएनजी स्टेशनों के सुरक्षा अनुपालन (कम्प्लायंस) की समीक्षा के आदेश दिए हैं, हालांकि जांच के लिए कोई समय सीमा घोषित नहीं की गई है। फिलहाल, कल के विस्फोट की असली वजह का पता नहीं चल पाया है और अधिकारियों ने मानवीय भूल या उपकरणों में खराबी की संभावना से इंकार नहीं किया है। इस घटना ने देश की राजधानी में पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर चल रही बहस को फिर से हवा दे दी है।


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