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डेडलाइन से ठीक पहले ट्रंप ने कनाडा पर लगने वाले 50% टैरिफ को टाला

आज Truth Social पर किए गए ऐलान के बाद इस आखिरी समय के समझौते से तुरंत लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी टल गए हैं और अमेरिका-कनाडा ट्रेडNegotiations के लिए थोड़ा और वक्त मिल गया है।

Tension could hit new heights at 12:01 a.m. Wednesday if Trump goes ahead with his plan to impose 50% tariffs on $20 billion worth of Canadian products, ranging from hockey sticks to tongue depressors.
अगर ट्रंप हॉकी स्टिक्स से लेकर जीभ दबाने वाले टंग डिप्रेशन तक, 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामानों पर 50% टैरिफ लगाने की अपनी योजना पर बुधवार रात 12:01 बजे आगे बढ़ते हैं, तो तनाव नए स्तर पर पहुंच सकता है।

राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार को Truth Social के जरिए ऐलान किया कि उन्होंने कनाडाई इंपोर्ट पर 20 अरब डॉलर के दायरे में आने वाले नियोजित 50% अमेरिकी टैरिफ पर रोक लगा दी है। यह फैसला बुधवार रात 12:01 बजे ड्यूटी लागू होने से दो घंटे से भी कम समय पहले लिया गया। दोनों देशों के बीच तुरंत पैदा होने वाले आर्थिक संकट को टालने और नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले संभावित ट्रेड टकराव को टालने के लिए जरूरी बातचीत के बाद यह आखिरी समय की डील तय हुई (AP India)।

अमेरिकी ट्रेड डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ये टैरिफ शुरुआती तौर पर तीन दिन की अवधि के लिए तय किए गए थे और इनका असर हॉकी स्टिक्स से लेकर टंग डिप्रेशन तक के कनाडाई सामानों की एक बड़ी रेंज पर पड़ता। हालांकि, राजनीतिक परिणाम ज्यादा गंभीर नजर आ रहे थे: कनाडा ने जवाबी टैक्स लगाने के अपने इरादे का संकेत दे दिया था, जिससे उस रिश्ते में तनाव बढ़ने का खतरा था जिसमें पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार 880 अरब डॉलर से ज्यादा का रहा था। व्हाइट हाउस ने कहा कि कनाडा अमेरिकी शराब, डेयरी और ऑटोमोटिव एक्सपोर्ट को प्रभावित करने वाले "भेदभावपूर्ण उपायों" पर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने के लिए सहमत हो गया है, हालांकि ओटावा ने इन प्रतिबद्धताओं की तुरंत पुष्टि नहीं की (AP India)।

प्रधानमंत्री Mark Carney ने बातचीत में "खासी प्रगति" होने की बात स्वीकार की, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि "अभी अहम काम बाकी है," और यह भी कहा कि तीन दिन की देरी से बातचीत जारी रखने का मौका मिलता है। उनके ऑफिस ने Trump के साथ हाल ही में हुई दो फोन कॉल का खुलासा किया, जिसमें मंगलवार दोपहर की बातचीत भी शामिल है, जिससे टैरिफ से बचने के लिए चल रही तेज कूटनीति का पता चलता है (AP India)। विश्लेषकों ने कहा कि तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों के पास मजबूत वजहें थीं: कनाडा अपने सामान के एक्सपोर्ट का 72% हिस्सा अमेरिका भेजता है, जबकि ट्रंप प्रशासन को महंगाई से परेशान मतदाताओं के बीच कंज्यूमर कीमतें बढ़ने के घरेलू जोखिमों का सामना करना पड़ रहा था (AP India)।

ट्रेड एक्सपर्ट्स ने इस रोक को एक व्यावहारिक कदम बताया। पूर्व अमेरिकी ट्रेड अधिकारी Ryan Majerus ने इस ऐलान से पहले कहा था, "कोई भी पक्ष असल में नहीं चाहता कि ये टैरिफ लागू हों।" "इस रास्ते से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए काफी जोर दिया जा रहा है।" कनाडाई चैंबर ऑफ कॉमर्स की सीईओ Candace Laing ने इस राहत का स्वागत किया लेकिन जल्द समाधान की अपील करते हुए इस बात पर जोर दिया कि चल रही अनिश्चितता एक ऐसी "असमंजस की स्थिति" है जिसे बिजनेस जगत बर्दाश्त नहीं कर सकता (AP India)।

यह डील हाल के अमेरिका-कनाडा ट्रेड तनावों में एक दुर्लभ नरमी का संकेत देती है, जिसमें सॉफ्टवुड लकड़ी और डेयरी कोटे को लेकर विवाद शामिल रहे हैं। हालांकि इस देरी से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन इसकी कमजोरी भी साफ है: यह समझौता डॉक्यूमेंट्स को अंतिम रूप देने पर निर्भर करता है, और तीन दिन की इस खिड़की में गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। जैसे-जैसे बातचीत जारी रहेगी, दोनों तरफ के स्टेकहोल्डर्स ठोस नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, और अगर बातचीत फिर से रुकी तो टैरिफ का खतरा मंडराता रहेगा।

उल्लिखित स्रोत

AP India