श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए भारत ने लंच तक 1 विकेट पर 101 रन बनाए

India’s 600th Test match, part of a two-Test series against Sri Lanka, began today with Shubman Gill winning the toss and electing to bat first. The decision appeared to pay early dividends as India reached 101-1 at lunch on Day 1, with Devdutt Padikkal (35*) and KL Rahul (32*) anchoring the innings after Yashasvi Jaiswal’s aggressive 32 off 37 balls. This milestone series marks a significant moment in India’s cricket history, coinciding with their longstanding rivalry with Sri Lanka, which has produced several memorable encounters over the decades. The match also highlights the ongoing evolution of India’s Test squad, featuring a blend of experienced and emerging players.
गॉल में शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत ने अपना 600वां टेस्ट मैच शुरू किया और शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फैसला किया। भारत ने पहले दिन लंच तक 1 विकेट पर 101 रन बना लिए थे। यशस्वी जायसवाल के 37 गेंदों पर 32 रनों की आक्रामक पारी से टीम को अच्छी शुरुआत मिली, हालांकि 11वें ओवर में उनके आउट होने से थोड़ी देर के लिए अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई थी।
जायसवाल और राहुल के बीच पहले विकेट के लिए 66 गेंदों पर 47 रन की पार्टनरशिप हुई। दोनों बल्लेबाजों ने नई पिच का फायदा उठाया और खुलकर चौके लगाए। खासतौर पर जायसवाल ने 86 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और पांच चौके जड़े, तभी राहुल के साथ गफलत की वजह से वह रन आउट हो गए। श्रीलंका के डेब्यूटेंट ऑफ स्पिनर केसारा नुवान्था इस घटना के दौरान बीच में आ गए थे, हालांकि दोनों बल्लेबाज नॉन-स्ट्राइकर एंड पर ही फंस गए थे, जिससे रन आउट का मामला पेचीदा हो गया (AP India)। हालांकि यह झटका कुछ समय के लिए ही था क्योंकि चोटिल साई सुदर्शन की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए पडिक्कल (Google News India) ने तेजी से खुद को सेट किया और लंच तक राहुल के साथ मिलकर नाबाद 54 रनों की पार्टनरशिप कर ली। पडिक्कल ने अपनी 35 रनों की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया, जबकि राहुल 32 रन बनाकर टिके रहे और यह सुनिश्चित किया कि एक विकेट गिरने के बावजूद भारत मैच पर कंट्रोल बनाए रखे।
जैसे ही खिलाड़ी लंच के लिए गए, बारिश ने खेल में खलल डाला, जिससे दूसरे सेशन में खेल शुरू होने में देरी का खतरा पैदा हो गया। श्रीलंका ने इकलौते डेब्यूटेंट के रूप में नुवान्था को मैदान पर उतारा, लेकिन वह शुरुआती एक घंटे में मोमेंटम बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे और भारतीय बल्लेबाजों ने मुकाबले में पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। दोनों टीमें 2027 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की रेस में बने रहने के लिए इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अहम पॉइंट्स हासिल करने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल पॉइंट्स टेबल में भारत पांचवें और श्रीलंका छठे स्थान पर है (AP India)।
यह मील का पत्थर साबित होने वाला टेस्ट भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जो देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ हो रहा है। टेस्ट क्रिकेट में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज भारतीय स्क्वाड की बदलती गतिशीलता को भी दर्शाती है, जिसमें राहुल का संयम जैसे अनुभव और पडिक्कल जैसी उभरती हुई प्रतिभा का मेल है, जिन्होंने सुदर्शन की जगह बिना किसी परेशानी के टीम में अपनी जगह बनाई। वहीं, श्रीलंका द्वारा नुवान्था को शामिल करना ऑलराउंड विकल्प तैयार करने पर उनके फोकस को उजागर करता है।
जैसे ही लंच के लिए खेल रुका, दिन के बाकी सेशन के नतीजों को लेकर असमंजस बना रहा, क्योंकि मौसम और पिच के बर्ताव पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। सीरीज के इस ओपनिंग मैच में बड़ा स्कोर खड़ा करने के लिए आखिरी तीन सेशन में भारत की स्थिति को मजबूत बनाए रखने की क्षमता बेहद अहम होगी।

AP India·Google News India