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ब्रॉड पीक से पाकिस्तानी पर्वतारोहियों का शव बरामद

Body of Pakistani climber Sohail Sakhi recovered from Broad Peak after deadly avalanche killed 10 climbers two weeks ago.
ब्रॉड पीक से पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल साखी का शव बरामद, दो हफ्ते पहले खतरनाक एवलांच में 10 पर्वतारोहियों की हुई थी मौत। Photo via The Hindu

13 अगस्त 2026 को ब्रॉड पीक से पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल साखी के शव की बरामदगी, इस पहाड़ पर आए विनाशकारी एवलांच के बाद दो हफ्ते तक चले अभियान का एक दुखद अंत है। इस एवलांच में 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई थी। शव मिलने से ठीक दो हफ्ते पहले यह घटना घटी थी, जो इस क्षेत्र के अनिश्चित मौसम और दुर्गम इलाकों में पर्वतारोहियों के सामने आने वाले भारी जोखिमों को उजागर करती है। रिकवरी मिशन का नेतृत्व करने वाले स्थानीय स्वयंसेवकों ने साखी के शव को ढूंढने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, जो स्थानीय समुदाय की जीवटता और हाई-आल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन की जटिलताओं दोनों को दर्शाता है। इस त्रासदी ने सुदूर हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और अभियानों में मौजूद कमजोरियों पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है।

कल स्थानीय स्वयंसेवकों की एक टीम ने ब्रॉड पीक की ढलानों से पाकिस्तानी पर्वतारोही सोहेल साखी का शव बरामद कर लिया। पहाड़ पर आए एक भीषण एवलांच के बाद साखी समेत 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई थी और यह घटना उसके दो हफ्ते बाद हुई है। अधिकारियों और अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (Alpine Club of Pakistan) द्वारा इस बरामदगी की पुष्टि की गई। हाल के वर्षों में पाकिस्तान की सबसे भीषण पर्वतारोहण आपदाओं में से एक इस घटना के बाद से यह आठवां शव बरामद किया गया है (AP India, The Hindu)।

यह एवलांच 30 जुलाई को आया था, जब मशहूर पर्वतारोही निर्मल पुर्जा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय एक्सपीडिशन दुनिया के 12वें सबसे ऊंचे पहाड़ 8,051 मीटर (26,414 फीट) ऊंचे ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान बेस कैंप से संपर्क खो बैठा था। अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि नेपाल, ओमान, पाकिस्तान, चीन, ब्रिटेन और अमेरिका के सभी 10 पर्वतारोही इस आपदा में मारे गए थे। अन्य सात लोगों की तरह साखी का शव भी हाई-आल्टीट्यूड सर्च ऑपरेशन और स्थानीय जानकारी के तालमेल से मिला, जिसमें इस खतरनाक इलाके में रास्ता तलाशने में स्थानीय स्वयंसेवकों ने अहम भूमिका निभाई (The Hindu)।

शव को बाहर निकालने का यह ऑपरेशन बेहद कठिन परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। स्वयंसेवकों ने सबसे पहले साखी के शव को देखा और बड़े रेस्क्यू दलों को इसकी सूचना दी, जिन्होंने बाद में शव को बेस कैंप तक पहुंचाने में मदद की। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (AP India) के अनुसार, मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर के जरिए शव को क्षेत्रीय एयरबेस पर ले जाया जाना बाकी था। द हिंदू (The Hindu) के मुताबिक, इस्लामाबाद में मृतकों की याद में कैंडल लाइट मार्च निकाले जाने के दो दिन बाद यह शव बरामद हुआ, जिसमें पर्वतारोही, राजनयिक और सिविल सोसायटी के लोग शामिल हुए थे।

दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी K2 के पास काराकोरम रेंज में स्थित ब्रॉड पीक अपने चरम और अप्रत्याशित मौसम के लिए जाना जाता है। पर्वतारोहियों को आकर्षित करने वाले इस क्षेत्र के अपने खतरे भी हैं: एवलांच, पत्थरों का गिरना और अचानक आने वाले तूफान उत्तरी पाकिस्तान को अक्सर होने वाली पर्वतारोहण त्रासदियों का केंद्र बनाते हैं। इस घटना ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है, खासकर उन कमर्शियल एक्सपीडिशंस के लिए जो अक्सर स्थानीय गाइडों और बुनियादी ढांचे पर निर्भर रहते हैं (The Hindu)।

शव मिलने की प्रक्रिया में प्रगति के बावजूद, अभी भी दो पर्वतारोहियों का कुछ पता नहीं चल पाया है। सर्च ऑपरेशन जारी है, हालांकि खराब मौसम और दुर्घटनास्थल की सुदूर लोकेशन के कारण आगे के ऑपरेशनों में मुश्किलें आ रही हैं। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान (AP India) ने रिकवरी मिशन के पूरा होने की कोई समय-सीमा तय नहीं की है।

उल्लिखित स्रोत

AP India·The Hindu