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पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल नांदेड़ में तलवार हमले में घायल

Sukhbir Badal attacked in Maharashtra; minor injuries reported, suspect arrested, and SAD calls for a high-level investigation.
Sukhbir Badal attacked in Maharashtra; minor injuries reported, suspect arrested, and SAD calls for a high-level investigation. Photo via The Hindu

गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह Badal पर महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित माता साहिब गुरुद्वारे में दर्शन के दौरान कृपाण (पारंपरिक कटार) से हमला किया गया। गुरुद्वारे में निहंग सिख सेवादार के रूप में पहचाने गए हमलावर ने Badal के हाथ पर वार किया, जिसके तुरंत बाद उसे पुलिस ने दबोच लिया। नांदेड़ के कलेक्टर राहुल कार्डिले ने पुष्टि की कि चोट मामूली थी और Badal, जिनकी पत्नी और लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर Badal भी उनके साथ थीं, पूरी तरह स्थिर हैं और खतरे से बाहर हैं (The Hindu)।

यह हमला Badal के नांदेड़ जिले के दो दिवसीय दौरे के दौरान हुआ, जहां उन्हें कई गुरुद्वारों का दौरा करना था। पुलिस ने बताया कि बाद में जसपाल सिंह के रूप में पहचाने गए हमलावर ने हमले के दौरान पारंपरिक निहंग पोशाक पहन रखी थी, जो माता साहिब में पिछले दो साल से एक कोर्ट क्लर्क और सेवादार के रूप में काम कर रहा था। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में दो लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी, लेकिन नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया, "केवल एक आरोपी [शामिल है], जो एक निहंग सेवादार है" (The Hindu)। घटना के दौरान Badal की रक्षा के लिए बीच-बौव करने वाले एक पुलिस इंस्पेक्टर को भी चोटें आईं।

पिछले दो साल से भी कम समय में Badal पर यह दूसरा हमला है। इससे पहले 4 दिसंबर 2024 को वह पंजाब के श्री हरमंदिर साहिब में जानलेवा हमले से बाल-बाल बचे थे। SAD नेताओं ने दोनों घटनाओं के बीच समानताएं बताई हैं, और पार्टी के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दोनों हमलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। मजीठिया ने कहा, "केंद्र सरकार को पंजाब और महाराष्ट्र दोनों घटनाओं की जांच तुरंत CBI को सौंपनी चाहिए," साथ ही उन्होंने इसके पीछे "किसी साज़िश, स्थानीय मदद या विदेशी हैंडलर्स के शामिल होने" की आशंका जताई (The Hindu)।

इस हमले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसिमरत कौर Badal को फोन कर उनके पति के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस हिंसा की निंदा करते हुए कहा, "लोकतंत्र में हिंसा का कोई औचित्य नहीं हो सकता। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर, आस्था के केंद्र शांति, सद्भाव और सुरक्षा के स्थान बने रहने चाहिए" (The Hindu)। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त करते हुए इस घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक" बताया, खासकर इसलिए क्योंकि यह एक पवित्र स्थल पर हुई (The Hindu)।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस हमले की जांच के आदेश दे दिए हैं, और पुलिस हमलावर के मोतिवे की जांच कर रही है। हालांकि निहंग समुदाय, जो अपनी युद्ध परंपराओं और कड़े सिख सिद्धांतों के पालन के लिए जाना जाता है, हाल के वर्षों में किसी संगठित हिंसा से नहीं जुड़ा रहा है, लेकिन इस हमले ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और ऐसे माहौल का फायदा उठाने वाले अकेले हमलावरों की संभावना पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शुक्रवार तक अधिकारियों ने यह खुलासा नहीं किया है कि जसपाल सिंह ने अकेले यह काम किया था या इसमें किसी बाहरी ताकत की भूमिका थी। हाई-प्रोफाइल मामलों से निपटने में राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बनी रहने वाली खींचतान को SAD की CBI जांच की मांग और भी पुख्ता करती है। Badal की सेहत अब स्थिर है, ऐसे में सारा ध्यान अब चल रही जांच और पंजाब तथा अन्य जगहों पर अंतर-राज्यीय सुरक्षा समन्वय और राजनीतिक माहौल पर इसके असर पर टिक गया है।

सूत्र: इंडियन एक्सप्रेस, द हिंदू

उल्लिखित स्रोत

Indian Express·The Hindu